रात में सिर्फ 6 घंटे से कम सोते हैं? शरीर में शुरू हो सकते हैं ये 8 बड़े बदलाव, जानिए कितनी नींद है जरूरी
लाइफस्टाइल डेस्क। भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक मोबाइल चलाना, ओटीटी पर वेब सीरीज देखना, काम का दबाव और तनाव—इन सबके कारण आजकल लाखों लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। कई लोगों को लगता है कि 5–6 घंटे की नींद उनके लिए काफी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कम नींद लेना शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकता है।
नींद केवल आराम करने का समय नहीं है, बल्कि इसी दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है, दिमाग दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है और कई जरूरी जैविक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं। अगर लगातार पर्याप्त नींद न मिले, तो इसका असर धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिखाई देने लग सकता है।
1. दिनभर थकान और सुस्ती
यदि आप रात में पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो अगली सुबह शरीर पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं करता।
इसके कारण हो सकता है—
हर समय थकान
काम में मन न लगना
ऊर्जा की कमी
बार-बार जम्हाई आना
2. याददाश्त और एकाग्रता पर असर
नींद के दौरान मस्तिष्क नई जानकारी को व्यवस्थित करता है।
कम नींद लेने पर—
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
चीजें भूलना
निर्णय लेने में परेशानी
पढ़ाई या काम की क्षमता प्रभावित होना
जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. तनाव और मूड खराब होना
लगातार कम नींद लेने से कुछ लोगों में—
चिड़चिड़ापन
चिंता
तनाव
मूड में बदलाव
ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।
4. इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है
पर्याप्त नींद प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कम नींद लेने वाले लोग कुछ संक्रमणों की चपेट में अधिक आसानी से आ सकते हैं।
5. वजन बढ़ने का खतरा
कम नींद का संबंध भूख नियंत्रित करने वाले कुछ हार्मोन में बदलाव से जोड़ा गया है।
इसके कारण—
ज्यादा भूख लगना
मीठा और जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ना
वजन बढ़ने का जोखिम
बढ़ सकता है।
6. दिल की सेहत पर असर
कई शोधों में लगातार कम नींद को हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, यह जोखिम कई अन्य जीवनशैली कारकों पर भी निर्भर करता है।
7. ब्लड शुगर प्रभावित हो सकती है
नींद की कमी शरीर की ग्लूकोज को नियंत्रित करने की क्षमता पर असर डाल सकती है। इसलिए डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए अच्छी नींद विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
8. त्वचा और चेहरे पर असर
अच्छी नींद त्वचा की मरम्मत की प्रक्रिया में भी मदद करती है।
लगातार कम सोने पर कुछ लोगों में—
आंखों के नीचे काले घेरे
चेहरा थका हुआ दिखना
त्वचा की चमक कम होना
जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
आखिर कितनी नींद लेना जरूरी है?
सामान्य रूप से विशेषज्ञों के अनुसार—
वयस्क (18–64 वर्ष): लगभग 7–9 घंटे
65 वर्ष या उससे अधिक: लगभग 7–8 घंटे
किशोर: लगभग 8–10 घंटे
व्यक्ति विशेष की जरूरत स्वास्थ्य और जीवनशैली के अनुसार अलग हो सकती है।
अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
रोज एक ही समय पर सोएं और उठें
शरीर की जैविक घड़ी (Body Clock) नियमित रहती है।
सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप कम इस्तेमाल करें
स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) नींद आने में बाधा डाल सकती है।
शाम के बाद ज्यादा कैफीन लेने से बचें
देर शाम चाय, कॉफी या अधिक कैफीन वाले पेय कुछ लोगों की नींद प्रभावित कर सकते हैं।
हल्का भोजन करें
सोने से ठीक पहले बहुत भारी भोजन करने से कुछ लोगों को असहजता या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
बेडरूम का माहौल आरामदायक रखें
कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखने से नींद बेहतर आ सकती है।
नियमित व्यायाम करें
दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि रात की नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती है। हालांकि, सोने से ठीक पहले भारी व्यायाम कुछ लोगों में नींद को प्रभावित कर सकता है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि आपको—
कई सप्ताह से नींद नहीं आ रही
रात में बार-बार नींद टूटती है
खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी समस्या होती है
दिनभर अत्यधिक नींद आती है
लगातार थकान बनी रहती है
तो डॉक्टर या नींद संबंधी विशेषज्ञ से सलाह लें।
पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद स्वस्थ जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगातार 6 घंटे या उससे कम सोना हर व्यक्ति के लिए समान रूप से हानिकारक हो, यह जरूरी नहीं, लेकिन अधिकांश वयस्कों के लिए नियमित रूप से 7–9 घंटे की नींद लाभकारी मानी जाती है। यदि आपकी नींद लंबे समय से पूरी नहीं हो रही या इसके कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और आवश्यक होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

कोई टिप्पणी नहीं